अब मध्यप्रदेश में भैंसों को किडनैप कर मांगी जा रही फिरौती

भैंस की फिरौती के तौर पर 25-50 हजार रुपए तक की डिमांड

अब मध्यप्रदेश में भैंसों को किडनैप कर मांगी जा रही फिरौती

एमपी अजब है सबसे गजब है ये बात ऐसे ही नहीं कही जाती। दरअसल मध्यप्रदेश में ऐसे मामले सामने आते रहते हैं जो काफी अजीब होते हैं। ऐसा ही एक अजीब मामला अब मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले से सामने आया है। जहां भैंसों की किडनैपिंग का खेल इन दिनों जोरों पर चल रहा है। किसी की भी भैंस चरने के लिए छूटी नहीं कि बदमाश नजर पड़ते ही उसे किडनैप कर लेते हैं और फिर फिरौती की मांग करते हैं। जिससे भैंस मालिक को अपनी ही भैंस को छुड़ाने के लिए बदमाशों को पैसे देने पड़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रोजाना कई किसान ऐसे हैं जिनकी भैंसों को बदमाश किडनैप कर रहे हैं और शिकायत करने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है।

विधायक ने एसपी को लगाया फोन
लगातार हो रही भैंसों की किडनैपिंग से परेशान ग्रामीणों ने इस बात की शिकायत जब स्थानीय विधायक कुणाल चौधरी से की तो उन्होंने तुरंत एसपी पंकज श्रीवास्तव को फोन लगाकर उनसे बात की। एसपी से विधायक के बात करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एसपी पंकज श्रीवास्तव से कह रहे हैं कि कालापीपल विधानसभा क्षेत्र के अवंतीपुर और बड़ोदिया गांव के कई किसान मेरे पास आए हैं जिनकी भैंसों का रोजाना अपहरण हो रहा है। पुलिस में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई न होने का आरोप भी किसान लगा रहे हैं। विधायक कुणाल चौधरी ने एसपी से कहा कि भैंसों की कीमत 30 हजार से लेकर लाख रुपए तक है और ऐसा लग रहा है कि जैसे सबकुछ पुलिस की मिलीभगत से हो रहा है। आप इस मामले में कार्रवाई करें।

क्या कहते हैं ग्रामीण ?
भैंस चोरी की शिकायत लेकर विधायक के पास पहुंचे ग्रामीणों का कहना है कि भैंसों के अपहरण की घटनाएं दिन ब दिन बढ़ रही हैं। उनका आरोप है कि कंजर समुदाय के लोग भैंसों का अपहरण करते हैं और फिर उनसे फिरौती के तौर पर पैसों की डिमांड करते हैं। अब तक ऐसी सैकड़ों घटनाएं हो चुकी हैं। कई बार पुलिस में शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। आखिरकार हमें ही अपनी भैंसों को पैसे देकर छुड़ाना पड़ता है। ग्रामीणों के मुताबिक भैंस की फिरौती के तौर पर 25-50 हजार रुपए तक की डिमांड की जाती है |