पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव,आप में सिद्धू के जुड़ने का संकेत

नवजोत सिंह सिद्धू का आप में जाने के संकेत

पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव,आप में सिद्धू के जुड़ने का संकेत

पंजाब में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सियासी हलचलें तेज हो गई हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच चल रहे तनाव का असर अब राजनीतिक उठा पटक के तौर पर भी देखा जा सकता है।

दरअसल एक दिन पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने आम आदमी पार्टी  की खुलकर तारीफ कर डाली। उन्होंने ट्वीट के जरिए कहा दबी जुबान में ये कहा कि उनके काम की कद्र तो आप ने ही की।

सिद्धू के इस ट्वीट से अटकलें तेज हो गईं कि क्या वे आप का दामन थाम सकते हैं। इस बीच केजरीवाल  का बड़ा बयान सामने आया है। इस बयान के बाद माना जा रहा है कि सिद्धू का आप में जाना लगभग तय है। हालांकि ये अभी अटकलें ही हैं।

ये कहा था सिद्धू ने
कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने एक ट्वीट में कहा था कि आम आदमी पार्टी यानी 'आप' ने हमेशा उनके विजन को पहचाना। सिद्धू का ट्वीट ऐसे समय पर आया, जब कांग्रेस उनके और कैप्टन के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने के काफी करीब पहुंच चुकी है। इसको लेकर उन्होंने भी दिल्ली दरबार में कई बार चक्कर लगाए हैं।

ऐसे में उनके इस ट्वीट से सियासी गर्मी बढ़ गई। अब इस सियासी गर्मी का असर भी दिखने लगा है। सिद्धू के ट्वीट के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का बयान सामने आया है।

ये बोले केजरीवाल
आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा है उन्हें बहुत खुशी हुई कि विपक्षी नेता भी उनके काम की तारीफ कर रहे हैं।

केजरीवाल ने कहा- 'मुझे बहुत खुशी होती है कि आम आदमी पार्टी इतना अच्छा काम कर रही है कि विपक्षी पार्टियां और विपक्षी नेता भी हमारी तारीफ करते हैं।

दरअसल अरविंद केजरीवाल इन दिनों गोवा के दो दिवसीय दौरे पर हैं। लेकिन उनकी पूरा फोकस अगले वर्ष होने वाले विधानसभाचुनाव पर बना हुआ है। यही वजह है पंजाब से लेकर उत्तराखंड, गुजरात और गोवा सभी राज्यों में वे पार्टी कद बढ़ाने में जुटे हैं।

पंजाब में लगातार केजरीवाल ये बात बोलते आए हैं कि उनकी पार्टी सिख को ही अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएगी।

वहीं सिद्धू के भी पिछले काफी समय से आप में जाने की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में दोनों के ताजा बयान काम कर गए तो वो दिन दूर नहीं जब सिद्धू पंजाब झाड़ू ( आप का चुनाव चिन्ह )घुमाते नजर आएं।

सिद्धू की चाहत सीएम पद
कोई माने या ना माने लेकिन सिद्धू की चाहत पंजाब में सीएम पद से नीचे की नहीं है। यही वजह है कि कैप्टन से उनके मतभेद चल रहे हैं। कांग्रेस से कदम उठाने से डर रही है। लिहाजा सिद्धू की चाहत आम आदमी पार्टी में जाकर पूरी हो सकती है। वहीं आप को भी एक बड़े चेहरे की तलाश है, जो उसे सत्ता तक पहुंचाने में कारगर हो।