भीषण बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे बने हालात ,टूट गए अनगिनत पुल

200 गांव बाढ़ की चपेट में तो 1171 गांव प्रभावित ,करीब 100 गांवों को खाली कराया

भीषण बारिश से कई इलाकों में बाढ़ जैसे बने हालात ,टूट गए अनगिनत पुल

मध्य प्रदेश में पिछले दो सप्ताह से भारी बारिश का दौर शुरू हो गया। वहीं ग्वालियर चंबल अंचल में 36 घंटे से जारी बारिश से हाहाकार मच गया है। शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिंड और गुना में बाढ़ के हालात हैं। सीधे तौर पर 200 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 1171 गांव प्रभावित हैं। करीब 100 गांवों को खाली कराया है। अलग अलग हादसों में कम से कम चार लोगों की जान चली गई। बड़े क्षेत्र में बिजली बंद है। रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया है। वहीं भोपाल में भी जलस्तर बढ़ने से आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया।

प्रदेश में सामान्य से 133% ज्यादा बारिश

बता दें कि ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में औसत से अधिक बारिश हो चुकी है। प्रदेश में मंगलवार को 27.8 मिमी औसत वर्षा हुई, जो सामान्य से 133 फीसदी अधिक रही। शिवपुरी में सामान्य से 123 तो श्योपुर में 138 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है।

सिस्टम कमजोर होगा पर नया चक्रवात भी

मौसम विभाग ने बताया कि ताकतवर कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम उत्तर मप्र में 7.6 किमी की ऊंचाई तक बना हुआ है। अगले 24 घंटों में इसके कुछ कमजोर होने का अनुमान है लेकिन उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक अन्य चक्रवात भी बना हुआ है। वहीं मौसम विभाग ने गुना, श्योपुर जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

साथ ही ग्वालियर-चंबल संभाग के कई भाग , शिवपुरी, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, अशोकनगर, दतिया और जिले में मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं उज्जैन और भोपाल संभाग के जिलों सहित होशंगाबाद, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़ और सागर जिले में बारिश अलर्ट जारी किया गया है।

सीएम ने की पीएम से बात

सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पीएम नरेन्द्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से चर्चा कर वायुसेना की मदद मांगी। अब तक हेलिकॉप्टर व अन्य संसाधनों से दो हजार से ज्यादा लोगों को बचाया गया है। एसडीआरएफ की 70 और एनडीआरएफ की तीन टीमें लगी हैं। सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। जवान रात में नरवर पोहरी पहुंचे।