इंतज़ार हुआ खत्म, मप्र में उपचुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान

11 अक्टूबर से होगा नामांकन

इंतज़ार हुआ खत्म, मप्र में उपचुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान

मध्य प्रदेश में इस वक्त की बड़ी खबर| लम्बे समय के इंतज़ार के बाद अब मध्य प्रदेश में उपचुनाव  की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है. खंडवा लोकसभा  समेत 3 विधानसभा की सीटों पर आगामी 30 अक्टूबर को वोटिंग होगी. इसके लिए नामांकन की प्रक्रिया 11 अक्टूबर से ही शुरू हो जाएगी. 13 अक्टूबर को नाम वापसी के बाद 30 को मतदान होगा. इसके बाद 2 नवंबर को मतगणना होगी. चुनाव आयोग द्वारा एमपी की खंडवा लोकसभा सीट समेत पृथ्वीपुर, रैगांव और जोबट विधानसभा सीटों पर चुनाव कराया जाना है. इन सीटों के लिए आयोग ने तारीख की घोषणा कर दी है. चुनाव आयोग के इस ऐलान के बाद अब फिर से एमपी में चुनावी सरगर्मी देखने को मिलेगी. काफी लम्बे समय से ये इंतज़ार किया जा रहा था की उपचुनाव की तारिख का एलान हो और अब वो तारिख सामने आ गई है| 30 अक्टूबर को मप्र में उपचुनाव के लिए वोटिंग होनी है|

अलग-अलग कारणों से एमपी में लोकसभा की एक और विधानसभा की 3 सीटें रिक्त हैं. इन्हीं पर चुनाव की प्रक्रिया कराई जा रही है. चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद अब राज्य के प्रमुख दल बीजेपी और कांग्रेस चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर देंगे. दोनों ही दलों में टिकट के दावोदारों की लंबी लाइन लगने की संभावना है.  इसके अलावा टिकट नहीं मिलने पर बगावती तेवर भी अपनाए जा सकते हैं.  चुनाव आयोग भी अपनी तैयारियों के तहत बूथ स्तर पर तैनाती और मतदाताओं को लेकर जरूरी दिशानिर्देश भी जल्द ही जारी कर सकता है. खंडवा लोकसभा सीट बीजेपी सांसद नन्द कुमार सिंह चौहान के निधन से खाली हुई. इसके अलावा पृथ्वीपुर विधानसभा सीट कांग्रेस पूर्व मंत्री ब्रजेन्द्र सिंह राठौर के निधन से खाली हुई, जोबट विधानसभा सीट कांग्रेस के कलावती भूरिया के निधन से खाली हुई. जबकि रैगांव विधानसभा सीट बीजेपी जुगल किशोर बागरी के निधन से खाली हुई. इसके अलावा एमपी में कोरोना संक्रमण के मामले भले ही पहले ही अपेक्षा कम हो गए हैं, लेकिन आगामी उपचुनाव पर कोरोना का साया देखने को मिलेगा. संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए पोलिंग बूथ पर चुनाव आयोग द्वारा विशेष इंतजाम किए जा सकते हैं.  इसके तहत बगैर मास्क के वोटर की एंट्री पर बैन, बूथ में ही सैनेटाइजर की व्यवस्था, जरूरी दूरी के लिए दिशानिर्देश जारी करने की तैयारी है. इसके अलावा नेताओं और उम्मीदवारों की रैली, सभाओं को लेकर भी गाइड लाइन जल्द ही जारी की जा सकती है. चुनावी खर्च को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे.

अब एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी उपचुनाव में जीत के लिए तैयार है मैदान स्तर पर तैयारी को बढाने की कवायद शुरू हो जाएगी| हालाकि बीजेपी और कांग्रेस कहीं न कहीं पहले से ही उपचुनाव की तैयारियों में लग गई और अब तारीख का एलान होने के बाद  मप्र का राजनीतिक पारा अब फिरसे बढ़ने वाला है| देखना दिलचस्प होगा की उपचुनाव में जीत के लिए दोनों ही प्रमुख दल किस रणनीति के तहत काम करते है किसकी जीत होती है क्यूंकि जीत का दावा दोनों ही पार्टियाँ कर रही है |