नहीं नजर आ रहे गोवंश रक्षा के ठेकेदार

गोवंशो के मुह पर तार बांध कर छोड़ दिया जा रहा

नहीं नजर आ रहे गोवंश रक्षा के ठेकेदार

जिले में गोवंश की जान खतरे में है । एक ओर सड़क दुर्घटना में सैकड़ो गोवंश की जान हर माह जा रही है , तो वहीं पशु क्रूरता के मामले भी बढ़ रहे है । ताजा मामला रिमारी गांव का प्रकाश में आया है । बताया गया कि लोहे की पतले तार से सैकड़ों गाय एवं बछड़ो ' का मुंह बांधकर कर उन्हें छोड़ दिया गया है । जिससे गोवंश भूख - प्यास से तड़प तड़प कर मर रहे है । वहीं दूसरी तरफ  रेहवा घाटी में धकेले गए लगभग डेढ़ सैकड़ा गौवशों में अब भी दर्जनों गोवंश की जान खतरे के बीच फंसी हुई है । लाखों की लागत सिरमौर वन परिक्षेत्र के सरई बीट रेहवा घाटी में पिछले महीने 27 सितम्बर को 150 गोवंशों को धकेले जाने की घटना प्रकाश में आई थी । जिसके बाद गोवंशों को वहां से सुरक्षित निकालने रेसक्यू टीम से अभियान चलाया जा रहा है । बुधवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के पांचवें चरण में एक बार पुनः घायल और कमजोर गोवंशों को सुरक्षित निकालने का प्रयास किया गया । लेकिन कमजोर और घायल गाय घाटी के ऊपर चढ़ पाने में असमर्थ रहीं । चिकित्सक भी घायल गौवंशों का उपचार कर वापस आ गए । रेस्क्यू अभियान में गोवंश को सुरक्षित निकालने जुटे सामाजिक कार्यकर्ता शिवानन्द द्विवेदी ने बताया की 5 गायों को एक जत्थे में एकत्रित पाया गया और उनको 2 बोरी भूषा उपलब्ध कराया गया । लगाकर फसल सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना भी किसानों की मजबूरी है । इसके लिए कोई जिम्मेदार है तो प्रशासन व सरकार है ।